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निकाय चुनाव में आरक्षण तय करने की प्रक्रिया तेज, SC-ST के लिए 2011 की जनगणना होगी आधार 

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रांची 
झारखंड में निकाय चुनाव की दिशा तेजी से साफ होती जा रही है। वार्डों के आरक्षण को लेकर जिला स्तर पर रिपोर्ट तैयार करने का काम लगभग शुरू हो चुका है। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जाएगा, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी-1 और श्रेणी-2 के लिए हालिया सर्वे की रिपोर्ट लागू होगी। अंतिम निर्णय चुनाव आयोग करेगा।
धनबाद के जिला पंचायत राज पदाधिकारी बलवंत कुमार ने बताया कि नगर निगम और नगर परिषदों के वार्डों में किस वर्ग को आरक्षण मिलेगा, इसका प्रारंभिक प्रस्ताव जिला प्रशासन तैयार कर चुनाव आयोग को भेजेगा। आयोग की मंजूरी के बाद ही आरक्षण सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।
साथ ही, नगर निकाय चुनाव आयोजन की जिम्मेदारी चुनाव आयोग के निर्देशानुसार पंचायत राज विभाग के पास है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि OBC आरक्षण के लिए नया सर्वे ही मान्य आधार होगा, जबकि SC-ST के मामले में पुरानी जनगणना को ही स्वीकार किया जाएगा।


धनबाद और चिरकुंडा में आरक्षण तय करने का काम जारी
नए सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर धनबाद नगर निगम और चिरकुंडा नगर परिषद की वार्डवार सीटों का आरक्षण तय किया जा रहा है। वहीं SC-ST आरक्षण के लिए 2011 की जनगणना रिपोर्ट लागू की जाएगी। जिला प्रशासन ने यह भी साफ किया कि आयोग के निर्णय को ही अंतिम माना जाएगा, पंचायत राज विभाग केवल नियमों के तहत प्रस्ताव भेजेगा।


चुनाव की तैयारी में जुटा जिला प्रशासन
आगामी निकाय चुनाव को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों का जायजा ले चुका है। मतदान कर्मियों की तैनाती, बैलेट बॉक्स, डिस्पैच स्थल और मतगणना केंद्रों का निरीक्षण कर लिया गया है। जिला पंचायत राज पदाधिकारी मुकेश कुमार बाउरी ने बताया कि तीन दिसंबर को उपायुक्त की अध्यक्षता में सभी बीडीओ, सीओ और उपनिर्वाचन पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें चुनाव प्रक्रिया और आरक्षण से जुड़ी प्रगति पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि उपायुक्त के निर्देश पर गठित कमेटी वार्डों की आरक्षित सूची तैयार करने में लगी है।


 

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